पंजाब में आम आदमी पार्टी पर दोहरे मापदंडों के आरोप: भाजपा नेता एस.आर. लधर का बयान

पंजाब में आम आदमी पार्टी पर दोहरे मापदंडों के आरोप: भाजपा नेता एस.आर. लधर का बयान

Continuing to hold the post of MLA

Allegations of Double Standards Against Aam Aadmi Party in Punjab

आम आदमी पार्टी - मन माना निज़ाम।

प्रेस नोट दिनांक 24 मार्च 2026: Allegations of Double Standards Against Aam Aadmi Party in Punjab, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व आईएएस अधिकारी श्री एस. आर. लधर ने कहा है कि 2022 में “बदलाव” का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार आज पंजाब में दोहरे मापदंडों और राजनीतिक संरक्षण की मिसाल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि AAP के जनप्रतिनिधियों के लिए कानून और नैतिकता के अलग नियम लागू होते दिखाई दे रहे हैं।

श्री लधर ने कहा कि Vijay Singla, जो मानसा से विधायक और स्वास्थ्य मंत्री थे, को स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार करवाया गया, लेकिन आज तक अदालत में चालान पेश नहीं किया गया। नतीजा यह है कि न कोई सजा, न कोई ठोस कार्रवाई—और वे आज भी पार्टी के “माननीय” सदस्य बने हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि Fauja Singh Sarari के मामले में एक ऑडियो सामने आई, जिसमें कथित तौर पर ट्रक ऑपरेटरों से पैसे लेने की बात हो रही थी। लेकिन न कोई जांच, न कोई एफआईआर—सिर्फ मंत्री पद से हटाकर मामले को दबा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मंत्री निर्दोष थे तो हटाया क्यों गया, और अगर दोषी थे तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

श्री लधर ने Kuldeep Singh Dhaliwal के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले सरकार ने उनके साथ मिलकर पंचायत जमीनों को कब्जों से मुक्त कराने के नाम पर वाहवाही लूटी, लेकिन जैसे ही उनका नाम विवादों में आया, उन्हें चुपचाप मंत्री पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों में न कोई पारदर्शिता दिखाई गई और न ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई अधिकारी ऐसा करता तो क्या वह बच पाता?

उन्होंने आगे कहा कि एक लाल चंद कटारूचक नाम का मंत्री है जिसपे एक दलित लड़के ने जौन सोशिन की शिकायत नेशनल एससी कमिश्न को की जो बाद में पुलिस दबाव तहत वापस ले ली गई। कटारूचक अभी भी मंत्री चल रहे है।सरकार बचाती रही। 

श्रीमती सरबजीत कौर मानूके जो जगराओं से एमएलए हैं बी एक एन आर आई का घर कब्ज़ा कर लिया, उसे अदालत जाना पड़ा फिर उस  एम एल ए ने कोठी ख़ाली की। सरकार की और से 
कोयी करवायी नहीं। 

अमित रत्तन  बाठिंड्डा दिहाती का एम एल ए कई दिन रिश्वत केस में गिरफ़्तार किया गया। कोयी करवायी नहीं। 

सरकार ने अपना एम एल ए 
रमन अरोड़ा जेल भिजवाया पर वो आज भी मानजोग एम एल ए है। 
कोयी कारवाई नहीं। 

गोल्डी कंबोज  एम एल ए 
के पिता सुरिंदर कंबोज ने किसी औरत से दस लाख रिश्वत ली। 

जोड़ेमाज़रा  एम एल ए  फ़रार है। 
लालपुरा एम एल ए खडूर साहिब को चार साल की सजा हो चुकी है पर सरकार कानून को टिच समजती है। 
कानून की ऐसी की तैसी। 
आए दिन क़त्ल , फ़िरौती, नशे, गुण्डागर्दी, रिश्वत। सरकार कभी मंत्री , एम एल ए और कभी भुल्लर जैसे डी आई जी जा मंत्री भुल्लर 
को बचाने में लगी हुई है। कभी गुरदासपुर का रणजीत सिंह का मर्डर तो कभी पटियाला के फौजी ऑफिसर कर्नल बाथ और उस के बेटे की कुटमार। कभी पटियाला का एसएसपी पी आर आई चुनाव में मातहित ऑफिसर्स को धका करने के गुर सिखाते नजर आते हैं। 

आप के इंचार्ज सिसोदिया जो ख़ुद जेल की हवा खा चुके हैं,”साम दाम दंड भेद “ की नीति अपनाने की वकालत करते हैं। 
आम आदमी की पार्टी के प्रतिनिधियों ने निर्संदेह पंजाबियों को निराश किया है।